Class 12 History Chapter 1 Question Answer | ईंटें मनके तथा अस्थियाँ | Class 12 History Notes

कक्षा 12 इतिहास का अध्याय 1 “ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ” प्राचीन भारत की सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना, भवन निर्माण, कृषि व्यवस्था, व्यापार और मनके बनाने की कला के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए छात्रों को इसके प्रमुख प्रश्न-उत्तर अच्छी तरह समझने चाहिए। इस पोस्ट में Class 12 History Chapter 1 Question Answer सरल और स्पष्ट हिंदी में दिए गए हैं, जिनसे छात्र कम समय में पूरे अध्याय को समझ सकते हैं और परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकते हैं। ये प्रश्न-उत्तर बोर्ड परीक्षा लिए उपयोगी हैं।

  • यहाँ कुल 20 लघु प्रश्न है जिसमे से 5 प्रश्न MVVI और 5 VVI है
  • बाकि सभी सामान्य प्रश्न है ।
  • कमजोर छात्र को सिर्फ MVVI और VVI ही पढना है
  •  MVVI मतलब Most Very Very Important
  •  VVI मतलब Very Very Important

प्रश्न 1. सिंघु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता क्यों कहा जाता है ?

उत्तर : सिन्धु घाटी सभ्यता की खोज सर्वप्रथम हड़प्पा नामक स्थल पर हुआ और नगरीय सभ्यता को प्रकाश में आया । इसलिए सिन्धु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है ।

प्रश्न 2. सिंधु घाटी सभ्यता के समकालीन दो सभ्यताओं के नाम बताएं । VVI

उत्तर : सिंधु घाटी सभ्यता के समकालीन दो सभ्यताएं निम्नलिखित है –

  1. मेसोपोटामिया की सभ्यता
  2. मिस्र की सभ्यता
  3. चीन की सभ्यता

प्रश्न 3. हड़प्पा सभ्यता के चार प्रमुख नगरों / केन्द्रों के नाम लिखे । VVI

उत्तर : हड़प्पा सभ्यता के चार प्रमुख नगर निम्नलिखित है –

  1. हड़प्पा
  2. मोहनजोदड़ो
  3. लोथल
  4. कालीबंगा

प्रश्न 4. हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों का वर्णन करे । अथवा , सिंघु घाटी सभ्यता के पतन के कोई दो कारणों का वर्णन करे । अथवा, हड़प्पा सभ्यता का पतन कैसे हुआ । MVVI

उत्तर – हड़प्पा सभ्यता के पतन के संदर्भ में कोई संतोषजनक प्रमाण नही मिला है । पतन के संदर्भ में अनेक इतिहासकारों का एक मत नही है बल्कि अलग अलग है फिर भी कुछ ऐसे प्रमाण मिले है जिसके द्वारा अनुमान लगाया जाता है की हड़प्पा सभ्यता का पतन निम्न कारणों से हुआ होगा जो इस प्रकार है-

  1. बाढ़
  2. जलवायु परिवर्तन
  3. महामारी
  4. वाह्य आक्रमण

प्रश्न 5. हड़प्पा संस्कृति को कांस्य युग क्यों कहते है ?

उत्तर : हड़प्पा संस्कृति को कांस्य युग की संस्कृति इसलिए कहा जाता है क्योंकि उस समय लोग कांस्य धातु का सबसे ज़्यादा उपयोग करते थे । कांस्य से वे औज़ार, हथियार, बर्तन और आभूषण बनाते थे। उस समय लोहे का प्रयोग नहीं होता था, इसलिए इसे कांस्य युग कहा जाता है।

प्रश्न 6. पुरातत्व से आप क्या समझते है ? MVVI

उत्तर : पुरातत्व वह विज्ञान है जिसके द्वारा प्राचीन वस्तुओं, जैसे मिट्टी के बर्तन, औज़ार, सिक्के, मूर्तियाँ और भवनों के अवशेषों का अध्ययन करके प्राचीन मानव जीवन, उनकी संस्कृति और इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है।

प्रश्न 7. कार्बन – 14 विधि से आप क्या समझते हैं ? VVI

उत्तर : कार्बन–14 विधि, तिथि निर्धारित करने की एक वैज्ञानिक विधि है। इस विधि में कार्बन–14 की मात्रा को मापकर यह पता लगाया जाता है कि कोई वस्तु या जीवाश्म कितना पुराना है। कार्बन–14 जितना कम होगा, वस्तु उतनी अधिक प्राचीन मानी जाती है।

प्रश्न 8. मोहनजोदड़ो का सार्वजनिक विशाल स्नानागार के विषय में लिखिए ?VVI

उत्तर : मोहनजोदड़ो का सार्वजनिक विशाल स्नानागार हड़प्पा सभ्यता की एक महत्वपूर्ण संरचना थी । यह पक्की ईंटों से बना बड़ा जलाशय था, जिसके चारों ओर कमरे बने थे तथा नीचे उतरने के लिए सीढियाँ बनी थी । इसमें पानी भरने और निकालने की अच्छी व्यवस्था थी। माना जाता है कि इसका उपयोग लोग धार्मिक स्नान या सामूहिक कार्यक्रमों के लिए करते थे।

प्रश्न 9. सिंधु घाटी सभ्यता में शवो के दाह संस्कार के कितने प्रकार थे ? VVI  

उत्तर : सिंधु घाटी सभ्यता में शवो के दाह संस्कार के तीन प्रकार थे जो की निम्नलिखित है –

  1. पूर्ण शवाधान (अधिकांश प्रयोग इसी का था )
  2. आंशिक  शवाधान
  3. दाह संस्कार |

प्रश्न 10. हड़प्पा सभ्यता के आवासीय भवन के विषय में लिखे । 

उत्तर : हड़प्पावासियों ने सुख सुविधाओं का ध्यान रखते हुए अपने घरों का निर्माण किया था  ।  उनके घर 1 मंजिला , द्विमंजिला तथा कहीं-कहीं बहुमंजिला बने थे ।    घरों के निर्माण में पक्की ईंटों का व्यापक प्रयोग किया गया लेकिन कहीं भी पत्थर का प्रयोग नहीं था ।  प्रत्येक घर में रसोई ,आंगन स्नानागार, शौचालय आदि  बने थे । 

प्रश्न 11. हड़प्पा सभ्यता एक शहरी सभ्यता थी, कैसे ?

उत्तर : हड़प्पा सभ्यता को शहरी सभ्यता कहा जाता है क्योंकि यहाँ सुनियोजित और विकसित नगर पाए गए । शहरों में पक्की ईंटों के मकान, सीधी और चौड़ी सड़के, नालियों की अच्छी व्यवस्था, कुएँ, गोदाम और सार्वजनिक भवन बने थे। इससे स्पष्ट होता है कि यह एक उन्नत नगर सभ्यता थी।

प्रश्न 12. सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना का वर्णन करें ? MVVI

उत्तर : सिंधु घाटी की सभ्यता अपनी नगर योजना तथा भवन निर्माण कला के लिए प्रसिद्ध  थी ।  सभी बड़े नगर एक सुनिश्चित योजना के आधार पर बने थे ।  नगरों का अपना-अपना दुर्ग था जिसमें शासक वर्ग के लोग रहते थे  । प्रत्येक नगर नदी के किनारे बसा  हुआ था  तथा इसमें बड़े पैमाने पर पकाई गई ईटों का प्रयोग किया जाता था । खुदाई में प्राप्त नगर निर्माण योजना की विशेषता किस प्रकार थी : –  सड़कों का प्रबंध ,  नालियों का प्रबंध ,  दो स्तरीय नगर ,  सार्वजनिक स्नानागार ,  अन्नागार  इत्यादि ।

प्रश्न 13. हड़प्पा सभ्यता के अन्नागार के विषय में लिखे ।

उत्तर : हड़प्पा सभ्यता में अन्नागार वे बड़े भवन थे, जहाँ अनाज को सुरक्षित रखा जाता था । सबसे बड़ा अन्नागार हड़प्पा नगर में मिला है । यह अन्नागार ईंटों से बना, मजबूत और ऊँचा था । इसमें कई कमरे थे, जहाँ गेहूं, जौ जैसे अनाज रखे जाते थे । अन्नागार में हवा जाने की व्यवस्था थी  तथा इसमें अन्न भरने की व्यवस्था निसंदेह उच्च कोटि की थी |

प्रश्न 14. हड़प्पाई लिपि / सिंधु लिपि से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर : हड़प्पाई लिपि वह प्राचीन लिपि है जिसका उपयोग हड़प्पा सभ्यता के लोग लिखने के लिए करते थे। यह लिपि मुख्यतः मुहरों, बर्तनों और पत्थरों पर पाई गई है। अभी तक इस लिपि को पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है। अक्षरों को चित्र अथवा चिन्ह के माध्यम से दर्शाया गया है । विद्वान इसे भावचित्रात्मक लिपि कहते हैं ।

प्रश्न 15. हड़प्पावासियों द्वारा व्यवस्थित सिंचाई साधनों का वर्णन करे । MVVI

उत्तर : हड़प्पावासियों के सिंचाई साधन काफी विकसित थे। वे खेती के लिए नदियों, कुओं और वर्षा के पानी का उपयोग करते थे। खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए नहरों और अन्य साधनों का उपयोग किया जाता था। इससे उनकी कृषि अच्छी तरह विकसित थी और लोग भरपूर अनाज पैदा करते थे।

प्रश्न 16. हड़प्पा सभ्यता की जल निकास प्रणाली की दो विशेषताएँ बताएँ ।

अथवा , हड़प्पा सभ्यता की जल निकास प्रणाली का वर्णन कीजिए । MVVI

उत्तर : सिंधु सभ्यता की जल निकास प्रणाली बहुत विकसित और सुनियोजित थी। गंदे पानी की निकासी के लिए पूरे नगर में नालियों का जाल बिछा हुआ था। नगर का सारा गंदा पानी इन नालियों के माध्यम से शहर के बाहर ले जाया जाता था। नालियाँ बड़ी-बड़ी ईंटों और पत्थरों से ढकी रहती थीं तथा समय-समय पर उनकी सफाई भी की जाती थी।

प्रश्न 17. हड़प्पा सभ्यता की सड़क व्यवस्था पर प्रकाश डाले ।

उत्तर : हड़प्पा सभ्यता की सड़क व्यवस्था बहुत ही उन्नत और योजनाबद्ध थी । यहाँ की सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं, जिससे पूरा शहर ग्रिड प्रणाली में बसा था । मुख्य सड़कें लगभग 9 से 10 मीटर चौड़ी होती थीं । हर सड़क के किनारे पक्की नालियाँ बनी थीं, जिनसे गंदा पानी अलग बह जाता था । यह प्रणाली इस बात का प्रमाण है कि हड़प्पावासी स्वच्छता और नगर नियोजन के प्रति जागरूक थे ।

प्रश्न 18. सिन्धु घाटी सभ्यता में उत्पादित होने वाले चार प्रमुख कृषि उत्पादों के नाम लिखें ।

उत्तर : सिंधु घाटी सभ्यता में उत्पादित चार प्रमुख कृषि उत्पाद थे—

  1. गेहूँ
  2. जौ
  3. कपास
  4. चना

प्रश्न 19. सिंघु घाटी सभ्यता में मनका कैसे बनाया जाता था ?

उत्तर : सिंधु घाटी सभ्यता में मनके बनाने की कला बहुत विकसित थी। मनके पत्थर, काँच, सीप और मिट्टी से बनाए जाते थे। पहले पत्थरों को काटकर छोटा आकार दिया जाता था, फिर उनमें छेद किया जाता था और अंत में उन्हें घिसकर चिकना बनाया जाता था। इन मनकों का उपयोग हार और आभूषण बनाने में होता था।

प्रश्न 20. हड़प्पा सभ्यता की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करें ।

उत्तर : हड़प्पा सभ्यता की दो प्रमुख विशेषताएँ—

  1. सुव्यवस्थित नगर योजना – शहरों में सीधी और चौड़ी सड़के, पक्के मकान तथा अच्छी जल निकास व्यवस्था थी।
  2. उन्नत शिल्प और व्यापार – यहाँ मनके, आभूषण और बर्तन बनाए जाते थे तथा दूर-दूर तक व्यापार होता था।

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